पुणे न्यूज डेस्क: केंद्र सरकार ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को बदलने के लिए एक साथ चार बड़े फैसले लेते हुए कुल 19,919 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन फैसलों में महाराष्ट्र और गुजरात के लोगों के लिए बड़े तोहफे शामिल हैं। सरकार ने पुणे मेट्रो के विस्तार, रेयर अर्थ मैग्नेट स्कीम और रेलवे की दो अहम लाइनों—बदलापुर-कर्जत और ओखा-कनालूस—को हरी झंडी दी है। इन प्रोजेक्ट्स से लाखों यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा और सफर का समय काफी कम होगा।
सबसे बड़ा बजट पुणे मेट्रो फेज-1 के विस्तार को मिला है, जिसके लिए 9,858 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में 32 किलोमीटर नई मेट्रो लाइन बिछाई जाएगी, जो खराड़ी से खड़कवासला और नल स्टॉप से मणिक बाग तक जाएगी। इस विस्तार के बाद पुणे का मेट्रो नेटवर्क 100 किलोमीटर के पार पहुंच जाएगा, जिससे शहर के लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
भविष्य की तकनीक को देखते हुए सरकार ने रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) स्कीम को मंजूरी दी है, जिसके लिए 7,280 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसका उद्देश्य भारत में ही हाई-टेक मैग्नेट बनाना है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों और मोबाइल फोन जैसे उपकरणों में काम आते हैं। अभी भारत इन मैग्नेट्स के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है, लेकिन यह स्कीम हमें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
गुजरात के श्रद्धालुओं और मुंबई के यात्रियों के लिए भी सरकार ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। ओखा से कनालूस के बीच 159 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन को डबल करने के लिए 1,457 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं, जिससे देवभूमि द्वारका जाने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ सकेगी। वहीं बदलापुर-कर्जत के बीच तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण पर 1,324 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे लोकल ट्रेनों और मालगाड़ियों का संचालन अलग-अलग ट्रैक्स पर होगा, जिससे मुंबई लोकल की भीड़ और देरी दोनों में कमी आएगी। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सभी प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे किए जाएंगे।